लम्हा लम्हा करके ये जिंदगी गुजर जाएगी,
कतरा - कतरा करके ये नमी भी बह जाएगी,
पा लूँ दुनिया की हर खुशी भी चाहे,
पर दिल में, तुझे न पाने की कसक तो रह जाएगी।
कतरा - कतरा करके ये नमी भी बह जाएगी,
पा लूँ दुनिया की हर खुशी भी चाहे,
पर दिल में, तुझे न पाने की कसक तो रह जाएगी।
waah
ReplyDeletemegha ji aapki shayri mughe bahut achi lagti hai aapki shairy ka poora collection mughe chaiye kaha milega .............
mera cell no hai 09852761734